मम्मी की गरम चूत चाचू का मोटा पप्पू



Click to Download this video!

loading...

आज मै बड़े दिनों के बाद आगे की कहानी भेज रहा हूँ . चाचा से चुदवाने के तीसरे दिन हम भाई बहन स्कूल जा रहे थे, मम्मी ने बोला, बेटा स्कूल जाते हुए चाचा के घर में बोलते जाना की कल सन्डे खेत में हल लगाना है, चाची और दीदी  को भी आने को बोलना. मैं चलते-चलते सोच रहा था की मम्मी सायद एक बार फिर चाचा के खच्चर जैसे लैंड का स्वाद लेना चाहती है लेकिन चाची और उनकी लड़की को भी बुलाया है तो मैंने अपने दिमाग से ये ख्याल निकाल दिया. घर में चाची मिली मैंने उनको बोला तो वो बोली- तेरी माँ ब्याई है, इन्नर (खीस- भैंस का बच्चा होने के सुरु का गाढ़ा दूध) खाने बुलाया है. मैं पता नहीं का जवाब देकर अपने स्कूल के लिए चल दिया. दोपहर को हम दोनों भाई बहन घर पहुंचे. अन्दर से बंद दरवाजा खटखटाया तो मम्मी ने दरवाजा खोला, मम्मी एक दम नंगी थी (नहाते हुए उठकर आयी थी), दरवाजा फिर बंद करने के बाद मम्मी नहाने लगी और हमको कपडे उतारकर अपने पास नहाने के लिए बुलाया (नहाने की जगह झोपड़ी के जानवर बांधने वाली साइड बनी थी). हम दोनों कपडे उतारकर मम्मी के पास जाकर बैठ गए. मम्मी नहा चुकी थी पर हमको नहलाने के लिए नंगी ही बैठी थी. पहले मम्मी ने सिस्टर को अपने सामने बिठाया और पानी डालकर अथला (पेड़ की छाल को कूट कर बनाया गया गुच्छा जो साबुन की तरह झाग देता है, गाँव में लोग उसी से नहाते थे, साबुन यूज नहीं करते थे ) उसके पुरे बदन पर मला (कई बार मम्मी की उँगलियों ने सिस्टर की घेहूँ की शकल जैसी चूत को रगडा). उसको नहलाने के बाद मेरा नंबर आया, मैं उनके सामने उनकी तरफ मुह करके बैठ गया, मम्मी ने पानी डाला और मैं अपनी आँख का पानी साफ़ करते-करते छिपी नज़रों से उनकी चूत देखने की कोसिस करने लगा पर झांटों और एक खाई (लाइन) के अलावा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. मम्मी के कहने पर मैं खड़ा हो गया और मम्मी पत्थर से मेरे घुटनो और पैर के पंजों पर जोर जोर से रगड़ने लगी. बीच-बीच में नोनी पर भी रगड़ देती. अब मम्मी भी खड़ी हो गयी और मेरे सर के ऊपर से पानी डालने लगी जिसके छींटें मम्मी के ऊपर भी पड़ रहे थे और पानी उनके पेट से सरकता हुवा उनकी झांटों पर अटक जाता, झांट के बालों से निकल कर कुछ तो बूंदे बन कर टपक जाती और कुछ नीचे सरकता हुवा दोनों टांगों के ठीक बीच से धार बन कर बह रहा था | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | लगरहा था जैसे वो मूत रही हो. अचानक मम्मी ने मेरी नोनी का फोरस्किन पीछे किया और लोटे से पानी डालते हुए उँगलियों से साफ़ कर ने लगी, मेरी नूनी कड़ी हो गयी. मम्मी, बदमास कही का बोलते हुए मेरे मुह पर देखने लगी. नहाने के दबाद मम्मी और मैं नंगे ही झोपड़ी के दूसरी तरफ आये जहाँ मेरी सिस्टर पहले से ही नंगी बैठी थी, मम्मी ने लकड़ी के सन्दुक से हमारे कपडे निकाल कर दिए और अपना पेटीकोट निकाल कर सर के ऊपर से पहनते हुए कमर में नाडा बाँधा, ब्लाउज पहना और फिर धोती. खाना खाने के बाद हम तीनो दरवाजे के सामने बिछी दरी (हमेसा बिछी रहती है) पर सो गए. नेक्स्ट डे मम्मी जल्दी उठ गयी थी, मुझे भी जल्दी उठा दिया नास्ता किया और बोली मैं घेर में जाऊंगी छोटी (सिस्टर) उठेगी तो नास्ता खिला देना. थोड़ी देर में चाचा, चाची और उनकी लड़की बैलों को लेकर आये, मम्मी ने उनको चाय पिलाई फिर उनके साथ घेर में चली गयी. थोड़ी देर में सिस्टर उठी, हम दोनों २ नंबर के लिए झोपड़ी के पीछे की तरफ बने खेत में गए, थोड़ी दुरी बनाकर हम दोनों बैठ गए. मैंने देखा बैठते ही सिस्टर की नन्ही सी चूत से लम्बी पिशाब की धार छुटी और मेरी नोनी से भी. घर आकर हमने पानी से साफ़ करने के बाद मैंने छोटी को नास्ता दिया, जूठे बर्तन धोने के बाद मैंने छोटी को खिड़की के पास बिछे बिस्तर पर बुलाया जिसपर चाचा ने मेरी मम्मी को जबरदस्त तरीके से पेला था. मैंने उसको नया खेल खेलने का बताकर उसको मम्मी की तरह बिस्तर पर लिटाया (उसने कच्छी नहीं पहनी थी-गाँव में कोई पहनता ही नहीं है) और चाचा की तरह उसके ऊपर आकर अपने ढीले ढाले कच्छे को सर्काकर अपनी नूनी (जो कड़ी हो गयी थी) पर थूक लगाया और कुछ थूक छोटी की चूत पर लगाने के बाद अपनी नूनी को उसमे घुसेदने की कोसिस करने लगा, जब जोर लगाया तो छोटी चिल्ला पड़ी- ईईईई भैया मुझे नहीं खेलना ये खेल, दरद होता है. मुझे याद आया मम्मी ने अपनी चूत के छेद को अपने हाथों से चौड़ा कर खोला था सो मैंने उसके ऊपर से हट कर उसकी टांगों को मोड़कर इधर-उधर फैलाया और उसके दोनों हाथों को पकड़कर उसकी चूत के पास लाकर उसकी उँगलियों को उसकी पिद्दी सी चूत के अगल-बगल की स्किन पर रखा और उसको खींचने के लिए बोला. अन्दर गुलाबी रंग की स्किन दिखाई दी, उसको इसी तरह पकडे रहने को बोलकर मैंने उसकी टांगों के बीच में आकर अपनी नोनी पर फिर थूक लगाया और उसकी चूत के मुह पर रखते ही धक्का मारा??.वो चिल्लाई माआआआआआआआआ जी और खिसक कर खड़ी हो गयी, रोते हुए उसने अपनी घाघरी ऊपर उठाई, उसकी जांघ पर खून टपक रहा था, हम दोनों घबरा गए, मैंने झट से कुछ चीनी मुह में डाली और चबाकर अपनी हथेली पर निकाल कर उसकी चूत पर लगायी, खून निकलना बंद हो गया. मैं बहुत घबरा गया था और छोटी को प्यार से समझाने लगा क़ि मम्मी को मत बताना और किसी को भी नहीं बताना, ये गलत खेल होता है और हम दोनों को बहुत मार पड़ेगी. ये भी बताया की ये खेल आदमी और औरत लोग शादी के बाद बच्चा बनाने के लिए खेलते है. रोते-रोते उसने कसम खायी क़ि वो किसी को नहीं बताएगी और मेरे से भी कसम दिलाई क़ि उसके साथ ये खेल कभी नहीं खेलूँगा. दोपहर को मम्मी, चाची और उनकी लड़की घास के गठ्हर लेकर आये, पानी पीने के बाद मम्मी ने उनको मट्ठा (लस्सी) पिलाकर खाना खाकर जाने को बोला लेकिन वो नहीं मानी ये बोलकर क़ि वो सुबह ही दाल चावल पकाकर आई थी. मम्मी ने चाचा के आने तक उनको रोकना चाहा, चाची बोली वो अभी गाद (नदी) में नहायेंगे, दयाल (रस्ते में पड़ने वाले घर का मालिक) के साथ हुक्का पीकर आयेंगे, तुम्हारे घर खाना खायेंगे, तब तक बहुत देर हो जायेगी और दोनों माँ बेटी ने अपना-अपना घास का गठ्हर उठाया और अपने रास्ते चल दी. मम्मी ने हम दोनों को खाना खिलाया और आराम से सोने को बोला. मेरा दिमाग में फिर हलचल मचने लगी, क्या मम्मी आज भी चुद वाएगी ?, नहीं-नहीं अगर चुदवाना होता तो चाची और उनकी लड़की को रोकने की कोसिस क्यों करती?.. फिर सोचने लगा क़ि हमको सोने के लिए क्यों बोल रही है. कभी दिमाग कहता नहीं चुद वाएगी कभी कहता बिना चुदे नहीं रहेगी और थोड़ी देर लेटने के बाद करवट लेकर मैं अपना वही पोज बनाकर हलकी हलकी सांस लेने लगा ताकि मम्मी को पता चल जाये क़ि मैं नींद में हूँ | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | काफी देर के बाद जब चाचा नहीं आये तो मैंने बहाने से दूसरी तरफ करवट ले ली (मम्मी को धोखा देने के लिए). इस बीच मम्मी २-3 बार बाहर गयी और लौटी सायद चाचा को देखने गयी होगी. जैसे ही बाहर बैलों की घंटी की आवाज मेरे कानो में पड़ी मैंने फिर खिड़की की तरफ लगे बिस्तर की तरफ करवट ली और हिलते हुए अपने पोज की अद्जुस्त्मेंट की. मम्मी भागते हुए अन्दर से घास की एक छोटी सी गद्दी उठाकर बाहर गयी, अन्दर उनकी बातें करने की आवाज आ रही थी पर समझ में नहीं आ रहा था. मम्मी अन्दर आई और दो थालियों में खाना परोसकर चाचा का इंतजार करने लगी. चाचा अन्दर आये और अपने चिरपरिचित अंदाज़ में बैठे, बैठते ही उनका मुरझाया हुआ लंड कच्छे सेबाहर लटक गया और जमींन पर मुड गया.
मम्मी- तुम इसको संभाल कर नहीं रख सकते.
चाचा- कैसे सम्भालूं, पजामा पहनने की आदत नहीं है और कच्छे में ये अन्दर रह नहीं पाता. उनके बोलने के साथ ही धीरे-धीरे उनका लंड नाग के फन की तरह उठाने लगा. भाभी डरो मत मुझे परसों की कसम याद है.
मम्मी-वो बात नहीं है, पर तुम्हे संभल कर बैठना चाहिए, तुम्हारे घर में जवान लड़की है. चाचा-अपनी तरफ से कोसिस तो करता हूँ पर बाहर निकल ही जाता है.
मम्मी-मुझे पता है तुम जान बूझ कर उसको बाहर निकाल कर बैठते हो ताकि कोई औरत उसको देखे और तुम उसका फ़ायदा उठाओ. अब तो चाचा का लंड पूरी तरह तन गया था और झटके मारने लगा. मम्मी ने खाना सुरु किया और उनको भी खाना सुरु करने को कहा.
चाचा- भाभी एक बार दर्शन तो करवा दो बैठे-बैठे.
मम्मी- तुम्हे तो सरम लिहाज नहीं है, मुझे तो है, फटाफट खाना खाओ .
चाचा- देखने और दिखाने की कसम तो नहीं खायी है भाभी.
मम्मी- देखे बिना मानोगे तो नहीं और मम्मी ने बैठे-बैठे ही अपना पेतिकोत ऊपर सरकाया और जमीन से गांड उठाकर हिप्स से ऊपर खींच कर चाचा की तरह उनके सामने बैठ कर थाली अपने घुटनों पर रख कर खाना खाने लगी. चाचा मम्मी की टांगों के बीच में नज़रे गढा कर मुस्कराते हुए खाना खा रहा था और उनका लंड आधा मुड़ने के बाद तन्न्न्नन्न्न्न से ऊपर झटके मार रहा था. खाना खाने के बाद मम्मी ने उठकर बर्तन इक्कठे किये और धोने के लिए बाहर चली गयी, चाचा ने अपने लंड की तरफ देखा और एक बार उसकी फोरस्किन खींच कर उसके सुपदे को देखा और वापस स्किन से धक् कर बैठ गए. पत्ते में तम्बाकू लपेटकर पीने लगे . मम्मी ने अन्दर आकर बर्तन संभाले और चूल्हे के पास बैठकर चाचा से बोली ये (चाचा का लंड ) अभी शांत नहीं हुवा. चाचा-इतनी जल्दी शांत कहाँ होगा, हो जायेगा धीरे धीरे. लम्बी सांस लेते हुए बोले-चलता हूँ भाभी घर जाकर आराम करूंगा.
मम्मी-आज बहुत जल्दी लग रही है घर जाकर आराम करने की, अभी खाना खाया है थोड़ी देर यही सुस्ता लो. चाचा उठकर मेरे पास आकर बैठने ही वाले थे क़ि मम्मी भागते हुए आई और चाचा का हाथ खींचते हुए उसी बेड के ऊपर लेजाकर बैठ गयी जिसपर २ दिन पहले चिल्ला-चिल्ला कर चाचा के लंड का मज़ा लिया था.
मम्मी- आज बड़े सरीफ बन रहे हो?..
चाचा-भाभी मैंने तुमको कसम दी है
मम्मी- कसम तुमने दी मैंने तो नहीं दी है और मम्मी ने चाचा की छाती पर हाथ रखकर उनको धकेलकर लिटा दिया और उनकी बनियान ऊपर सरकाकर उनकी छाती पर उग्गे बालों पर उँगलियाँ फेरने लगी और चाचा मम्मी के ब्लाउज के ऊपर से उनके दूध दबाने लगे. मम्मी अपना दूसरा हाथ चाचा के कच्छे के अन्दर ले गयी और चाचा के मुरझाये लंड को बाहर निकाल कर हिलाने लगी. तुरंत ही चाचा का लंड तन गया, मम्मी के चेहरे पर मुस्कान फिर सरम और कुछ कुछ घबराहट दिखने लगी . अब मम्मी अपने हाथ की मुठियों से चाचा के तने हुए लंड को नापने लगी, पहले मम्मी ने उनके लंड की जड़ पर अपने एक हाथ की मुठी रखी और उसके ऊपर दुसरे हाथ की मुठी, फिर नीचे वाली मुठी हटाकर ऊपर वाली मुठी के ऊपर रखी और फिर दूसरी वाली मुठी को फिर पहले वाले हाथ की मुठी के ऊपर, अब चाचा के लंड का फोरस्किन बाहर दिखाई दे रहा था | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | हे माआआआआआअ बोलते हुए मम्मी ने आधा लेटते हुए चाचा की छाती पर अपना सर रखा और उनके लंड का फोरस्किन ऊपर नीचे करने लगी. चाचा मम्मी के चुतादों के पीछे से अपना हाथ घुमा कर लाये और मम्मी का पेटीकोट खींच कर उनकी चूत को नंगा कर उनकी झांटों के ऊपर उँगलियाँ घुमाने लगे. काफी देर तक रगड़ने के बाद चाचा ने एक ऊँगली मम्मी की चूत में घुसाई और अन्दर बाहर करने लगे. एक मिनट के बाद मम्मी कभी-कभी अपनी टांगों को इक्कठा कर स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् करने लगी. चाचा ने मम्मी को उनके लंड पर थूक लगाने को बोला, मम्मी अपने पीछे की तरफ मुड़ी और कटोरी (जिसमे दूध निकालने से पहले भैंस के थन पर लगाने वाला मक्खन (बुट्टर) रखा था) से बुट्टर अपनी उँगलियों से निकाला और चाचा के लंड का फोरस्किन खींच कर उसकी गाँठ पर मलने के बाद फोरस्किन को ४-५ बार ऊपर नीचे किया और चाचा से पूछा अब क्या?? चाचा ने लेटे-लेटे मम्मी की एक टांग खींच कर अपने आप उनकी दोनों टांगो के बीच में आ गए फिर उनके हिप्स के पास से उनकी दोनों थाईस को अपने दोनों हाथों से ऊपर उठाया और नीचे से लंड उनकी चूत में घुसाने की कोसिस करने लगे | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  लंड की लम्बाई जादा होने के कारण सीधा खड़ा नहीं हो पा रहा था, आधे में मुड रहा था, मम्मी ने अपना एक हाथ पीछे घुमाकर उनके लंड को पकड़ा और अपनी चूत पर रखा पर फिर भी नहीं घुसा. मम्मी की तड़प मैं देख रहा था, वो जल्दी से उनके ऊपर से उतर कर बैठ गयी और कटोरी से बुट्टर निकाल कर पहले अपनी चूत के ऊपर रगडा और फिर एक ऊँगली में बुट्टर लगा कर अपनी चूत के छेद में डालकर चरों तरफ घुमाया और उतनी ही जल्दी से फिर से चाचा के ऊपर आ गयी. मम्मी ने चाचा क़ि दोनों हथेलियों को पकड़ा और दोनों टांगो के बीचे से लाकर अपने हिप्स ऊपर उठाये और अपनी चूत की दोनों साइड में रखकर बोली चौड़ा करो देवर जी.

गतांग से आगे … अब उनकी चूत के दोनों साइड की स्किन फ़ैल गयी, वहीँ से अपने एक हाथ से चाचा के लंड को बीच से पकड़ा और छेद पर रखते ही नीचे झुकी और एक चौथाई अन्दर घुस गया. मम्मी अपने चुतद ऊपर नीचे करने लगी सायद जैसा वो चाहती थी वैसा नहीं हो पा रहा था. मम्मी ने चाचा को हाथ हटाकर अपना लंड पकड़ने को बोला और अपने दोनों हाथ चाचा की छाती पर रखकर एक बार फिर कोसिस करने लगी मगर जादा कामयाबी नहीं मिली सायद और मम्मी नीचे उतर गयी. चाचा- भाभी क्या हुवा? मम्मी-ठीक से नहीं हो रहा. चाचा उठकर बैठ गए और मम्मी को अपनी गोदी में बिठाकर उनके ब्लाउज के बटनों खोलने के बाद उनके दूध दबाने लगे. मम्मी बहुत परेसान लग रही थी. चाचा ने मम्मी को अपनी एक जांघ पर बिठाया और उनका दूध चूसने लगे, मम्मी उछल-उछल कर चाचा से चिपक रही थी स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् आआआआ स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् स. चाचा ने पलटते हुए मम्मी को बिस्तर पर लिटाया, उनकी टांगों को चौड़ा किया, जैसे ही वो मम्मी के ऊपर आये मम्मी ने बीच में हाथ लाकर उनके लंड को पकड़ा और अपनी चूत पर रखते ही ऊपर उछल गयी पर चाचा का लंड नीचे को सरक गया. मम्मी ने फिर से लंड को अपनी चूत पर रखा, दुसरे हाथ से पहले अपनी चूत की स्किन को एक तरफ खींचा और फिर दूसरी तरफ के स्किन को खींचते ही जम्प किया हाआआआआआअ. चाचा हंसने लगे तो मम्मी बोली क्या हुवा.
चाचा-कुछ नहीं.
मम्मी- करो ना देवर जी, अन्दर खुजली जैसी हो रही है. चाचा- खुजली तुमको हो रही है तुम ही करो.
मम्मी-अच्छा, खुशा मत करवाना चाहते हो, करो ना. मैं पागल हो जाऊंगी. चाचा ने अपना पूरा वजन अपनी दोनों टांगों के पंजो और दोनों हाथ की हथेली पर रखा और झुक कर मम्मी की निप्पल चाटने लगे. हाआअ क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क्क् करते भी रहो नाआआ स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्. चाचा मम्मी का निप्पल मुह में लेकर चूसने लगे और मम्मी-स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् स्स् हाआअ ईईईईईईईए करते क्यों नहीं. चाचा का पूरा बदन स्टेचू बना हुवा था, मम्मी के निप्पल चूसते हुए चाचा ने जैसे ही अपने पैरों को थोडा सिकोडा उनका लंड मम्मी की चूत से बाहर निकल गया. मम्मी- बड़े कमीनो हो तुम, हां स्स्स्स ह़ा. मम्मी ने अपने एक हाथ से चाचा की कमर को ऊपर से कसकर पकड़ा और दुसरे हाथ से उनके लंड को बीच से पकड़ कर हहा सस्स्स्सस्स्स्स करते हुए एक जम्प के साथ अन्दर ले लिया, अपने हिप्स को वहीँ रोकते हुए उनके लंड को थोडा और ऊपर से पकड़ते हुए एक और जम्प लेते हुए हाआआआ स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् सस स्स्स्स आधा लंड अन्दर ले लिया. इसी पोज में ऊपर लटके-लटके मम्मी खुद ही जम्प मार -मार कर हा स्स्स्स हा स्स्स्सस करते हुए मज़ा लेने लगी. मम्मी थक गयी थी और चुतद जमीन पर रखते ही लंड बाहर निकल गया.  आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |
मम्मी- कमीने आदमी, क्या हो गया है तुझे (हमेसा तुम बोलती थी), तुझे कसरी (चाचा की बेटी का नाम) की कसम??
चाचा-भाभी कसम क्यों दे रही हो और चाचा ने नीचे होकर मम्मी क़ि चूत पर लंड को टिकाते ही जोर का धक्का मारा ल्ल्लल्ले फिर, मम्मी हाआआआआआआआआ आआआआआ चिल्लाई, ये ल्ल्ल्ले, स्स्स्सस्स्स्स हा ये ल्ले, उईईईई माआआआअ, और ल्ले, स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् मर्र्र्रर गयी, और करून ल्ल्ल्ले, हा हा, ल्ले, हा, ल्ले, हा हा हा स हां स्स्स्स हाआआआआआआआअ कमीईने यी ईईए ईईईई और मम्मी की दोनों थाई काम्पने लगी, गांड जमीन से ऊपर, झड़ने के कारण मुह से अब आवाज नहीं आ रही थी.
चाचा- भाभी, तुमने आज मुझे कमीना बोला और तू तड़ाक से बोला?
मम्मी-माफ़ कर दो देवर जी, मैं पागल हो गई थी, अन्दर बहुत जोरों की खुजली हो रही थी, आज तक कभी नहीं हुयी थी, जी कर रहा था कोई अन्दर जोर-जोर से रगड़े, माफ़ करदो, मैं अपने आप में नहीं थी.
चाचा, कोई बात नहीं भाभी कहते हुए मम्मी के ऊपर से उतर गए और जैसे ही उन्होंने अपना कच्छा पहनने के लिए हाथ में लिया मम्मी ने चौंकते हुए पूछा- क्या हुवा देवरजी, माफ़ी मांग तो ली है तब भी नाराज़ हो रहे हो.
चाचा- मैंने कब बोला की नाराज़ हूँ.
मम्मी-फिर ये (कच्छा) क्यों पहनने लगे, तुम नहीं करोगे.
चाचा-तुम्हारा हो गया ना भाभी, मैं तो रात को तुम्हारी देवरानी की में पानी निकाल लूँगा.

मम्मी-बाबा, फिर माफ़ी मांगती हूँ, गलती हो गयी, चाचा से लिपटे हुए बोली-सोबन की कसम, दोनों बच्चों की कसम मैंने जान बूजकर गाली नहीं दी, पता नहीं क्या हो गया था मुझ रांड को और अचानक रोने लगी.
चाचा-भाभी, बच्चों की कसम क्यों ले रही हो और रोने क्यों लगी. मम्मी सुबक सुबक कर रोने लगी. चाचा ने मम्मी का मुंह ऊपर किया और उनके आंसू पौंचते हुए बोले, तुम्हारी कसम भाभी मैं नाराज़ बिलकुल भी नहीं हूँ, सच में.
मम्मी, सुबकते हुए-फिर कर क्यों नहीं कर रहे हो
चाचा-तुमको मज़ा आ गया है न मुझे तसल्ली हो गयी.
मम्मी-चलो तुम भी करो
चाचा- रहने दो भाभी, किसी और दिन करेंगे.
मम्मी-मुझे अभी परसों जैसा मज़ा नहीं आया. उस दिन दूसरी बार बहुत मज़ा आया था.
चाचा- मैंने तो एक ही बार किया था.
मम्मी-पता है, अब समझी और मम्मी उनकी छाती पर मुक्के मारने लगी, बड़े गंदे हो.
चाचा ने हँसते हुए मम्मी को बिस्तर पर लिटाया और बगल में अध लेटते हुए मम्मी का दूध चूसने लगे और एक हाथ की उँगलियाँ उनकी चूत पर फेरने लगे. थोड़ी देर में ही मम्मी फिर से सिसकारी मारने लगी और जम्प भी करने लगी. चाचा ने कटोरी से मम्मी की चूत और अपने लंड पर बुट्टर लगाया और चूत पर रखते ही करारा धक्का मारा.
मम्मी-हाआआआअ चाचा मम्मी को स्पीड में पेलने लगे और मम्मी हर धक्के पर मम्मी की सस्स्स्सस्स्स्स हाआआआअ निकलने लगी. करीब १० मिनट के बाद मम्मी स्स्स्सस्स्स्स ईईईईईईईईईए ईईईईईए करते हुए झड गयी, चाचा मर्द का पट्ठा पेलने में लगा रहा. मम्मी की चूत का पानी बाहर बहने लगा, चाचा का लंड पर )जितना हिस्सा अन्दर जा रहा था) सफ़ेद परत जैसी जम गयी थी.
मम्मी- तुमको क्या हो गया है देवर जी, २ मिनट रुक जाओ मेरे पेट में दरद होने लगा है और चाचा शांत हो गए.
मम्मी बोली-देवर जी, मेरा दो बार हो गया पर उस दिन वाला मज़ा नहीं आया, पेट में दरद भी होने लगा है.
चाचा- रुको भाभी, चाचा ने रस्सी पर टंगे कपडे के किनारे को पानी में डुबोकर पहले अपने लंड को पौंछा फिर मम्मी को नंगे फर्श पर लिटाकर उनकी टांगों को चौड़ा करने के बाद उसी गीले कपडे से उनकी चूत को अच्छी तरह से साफ़ किया, एक ऊँगली में गीला कपड़ा लपेटा और अन्दर डाल कर घुमाया, फिर एक हाथ की उँगलियों से चूत की दोनों तरफ की स्किन को फैलाकर लोटे से उसमे पानी डाल कर मम्मी को टांग चौड़ी कर खड़ा होने को कहा. ये सब करने के बाद चाचा ने मम्मी को बिस्तर पर लिटाया और दूध चूसने लगे. थोड़ी देर बाद चाचा ने अपनी तीन उँगलियों पर थूका और मम्मी की चूत पर मला, दो बार ऐसा करने के बाद दो ऊँगली अन्दर डालकर अन्दर बाहर करने लगे. मम्मी का कोई रेस्पोंसे नहीं मिल रहा था. चाचा का लंड भी मुरझाया पड़ा था. आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |
चाचा ने मम्मी की टांगों को चौड़ा किया, एक हाथ के अंगूठे और एक ऊँगली से उनकी चूत की स्किन को फैलाया और दुसरे हाथ की ऊँगली को मुह में डालकर थूक से गीला करने के बाद चूत के बीच और छेद से थोडा ऊपर रगड़ने लगे. थोड़ी देर रगदने के बाद फिर से ऊँगली अपने मुह में डालते और फिर रगड़ते, बस अब क्या था, मम्मी स्स्स्सस्स्स्स स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् करने लगी, चाचा ने मम्मी की चूत की स्किन से हाथ हटाकर एक ऊँगली अपने मुह में देने के बाद सीधे मम्मी की चूत के अन्दर डाल दी और दुसरे हाथ की ऊँगली से तेजी से उनकीचूत के ऊपर रगड़ने लगे. मम्मी फिर तड़पने लगी, हाआआआआअ देवर जी. इधर चाचा का लंड भी तन गया था पर लम्बाई के कारन धनुस के आकर में.
मम्मी-देवर जी ब्ब्ब्बस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् हाआआआआअ नहीं नाआआअ. चाचा ने जैसे ही अपनी ऊँगली चूत से बाहर निकाली मम्मी हाआआआआअ करके उछल गयी, मम्मी की गीली चूत साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी. चाचा ने मम्मी के ऊपर लेटते हुए उनकी दोनों टांगों को मोड़कर चौड़ा करने के बाद एक हाथ से लंड पकड़ कर मम्मी की चूत पर रखते ही धक्का मारा, मम्मी उफ्फफ्फ्फ़ करके रह गयी. चाचा ने मम्मी को पेलना स्टार्ट किया, पहले तो मम्मी धीरे धीरे हा हा हा हा हा हा करती रही फिर श्ह्ह्हह हा स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् हा स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् स हा. देवर जी स्स्स्सस्स्स्स पहली वलीईईईईए हाआआआ खुज्लीईईईईई स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् मर ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्ग्गयि. ख़्हुज्लीई देवर जी स्स्स्सस्स्स्स हाआआआ. मेरी आँखें दो जगह टिकी थी, पहली जगह मम्मी की गांड की लूप लूप पर और दूसरी क्या आज पूरा लंड अन्दर घुसेगा. चाचा की साँसे फूलने लगी और हूँ हूऊऊउन कर चोदने लगे, उनके तत्टों से पसीना टपक कर कुछ लंड से बहते हुए मम्मी की चूत में और कुछ चूत के बाहर से उनकी गांड में.
मम्मी- स्सस्स्स्सस्स्स्स हा सस स्स्स्सस स्स्स्सस्स्स्स हाआआ, देवरजी रुकूऊऊऊ स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् रुको द्द्द्द्द्द्द्द्द्देवर् जी. चाचा ने लगातार हांफते-हांफते चोदते हुए पूछा अब क्या हुवा?
मम्मी-स्स्स्सस्स्स पिशाब ल्ल्ल्लल्ल्ल्लागा है हाआआआअ
चाचा-ऊऊउह, अभी मज़ा आ रहा है, ऊऊह बाद में कर लेना.
मम्मी-नाहे यी यी देवर जी स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् बर्दास्त नहीं हो रहा है
चाचा-भाभी अभी नहीं रुक सकता ऊऊऊओह. मम्मी-स्स्स्सस करो फिर जोर्र्र्र्र्र्र्र्र्र् स्सस्स्स्सस्स्स्स हा सस स्स्स्स हा हां खुजली भीईईई हां स हा सस मर्गेईई सस सस माआआआअ पूरा रा रा रा दाल्ल्ल्लल्ल्ल्ल स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स्स् स माजीईईईईए (मम्मी की गांड के पास की स्किन जबरदस्त तरीके से कांपने लगी और गांड का छेद लूप लूप लूप लूप करने लगा) आआअ ईईईईईईए मेरी माआआआआआआआअ कर कर कर कर कर क्कक्क्क्कक्क्क्कर कर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र् र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र् र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र् और मम्मी ने चाचा की कमर पकड़ कर १०-१२ जोरदार जम्प मारने के बाद हाआआआआआआआआ आआआआआअ करते हुए दोनों पैरों की आदियों के सहारे अपने चुतद हवा में उठा दिए और कांपती आवाज में चाचा से बोली-देवरजी जल्दी करो मेरी पिशाब निकलने वाली है. चाचा ने मम्मी की दोनों टांगों को फैलाकर ऊपर उठाया और बिस्तर से खींच कर उनके चुतद नंगे फर्श पर लेने के बाद ऊपर उठाने के बाद मम्मी को लंड पकड़कर चूत पर रखने को बोला. मम्मी-ये क्या कर रहे हो, मेरा पिशाब निकलने वाला है. आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | चाचा-रखो ना भाभी मैं झड़ने वाला हूँ. मम्मी ने चाचा का लंड पकड़कर अपनी चूत पर रखा और चाचा पंजों के बल होकर जोर-जोर से कूदने लगे. मम्मी चिल्लाई, देवर जी पिशाब ???मम्मी का पिशाब निकल गया, चाचा के जोर के धक्कों के कारण हर धक्के में पुच्चेर्रर्र्र्र पुच्चेर्र्र्र्र्र्र्र्र् पुच्चेर्र्र्रर्र्र्र करके पिशाब की पिचकारियाँ छूटने लगी (इधर मेरी हालत ख़राब होने लगी, हंसी भी आने लगी और मेरी नूनी में जबरदस्त अकदन होने लगी और गुदगुदी भी) प्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र् प्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र् की आवाजे आने लगी. चाचा ने भभीईईईईईई ईईईईईईई चिल्लाते हुए जोर का धक्का मारा और उनकी गांड भींच गयी.
मम्मी-बहुत ख़राब हो देवर जी, यहीं मुतवा दिया और अन्दर भी झाड़ दिया.
चाचा-भाभी हिलना नहीं, हाथ जोड़ता हूँ, चाचा ऊपर उठे और फचाक से लंड मम्मी की चूत में पेला अन्दर से पीले रंग की पिचकारियाँ निकली, ३-४ बार ऐसा किया, सायद चाचा ने भी मम्मी की चूत में धक्के मारते हुए ही पिशाब कर दिया था. (मुझे भी लगा जैसे मेरा भी पिसब निकल गया है वो भी गुदगुदी के साथ). चाचा ने मम्मी की टांग चौड़ी रखे -रखे मम्मी को उनका लंड पकड़ कर सीधा रखने को बोला और बाहर निकालने के बाद फिर मुतने लगे, मम्मी की चूत में पहले से ही पिशाब भरा होने के कारन जब ऊपर से पिशाब की धार पड़ने लगी तो ऐसी आवाज आने लगी जैसे भरी बर्तन में किसी ने टोंटी खोल दी हो. चाचा के पिशाब की धार पीली थी. चाचा ने मम्मी की टांगों को आजाद किया, मम्मी ने उठकर टांगों को मोदते हुए चौड़ा किया और दोनों हाथों से चूत की स्किन को फैलाकर पीला-पीला मुतने लगी. चाचा का पेट और जांघे गीली हो रही थी. दोनों मेरे सामने से होते हुए नहाने वाली जगह पर गए और सायद अपना अपना सरीर धोने लगे (पानी की आवाज आ रही थी). मैंने भी चेक करने के लिए अपनी नूनी के पार कच्छे को देखा तो मामूली सा गीला था, पिसाब नहीं दोस्तों कहानी कैसी लगी जरूर बताना |



loading...

और कहानिया

loading...


Online porn video at mobile phone


बफ कहानिया पढनेbabi ki judai rat ko nude khaniबुआ की बुरhindisexstori.come char bhaine chodaCHUDAI KE WO SAT DIN FUFA JI KE SATHgad.me.ungalu.xxx.randiMY BHABHI .COM hidi sexkhaneबच्चेदानी Ma dhadsxe xxnx.hindi sakse ma kahneदीदी को पकड के चोद दिया जबरजसती कहानी हिदींमेx Video SchooI भाभी चुदाईsexhinde.kahanexxx saghi bhan ko choda kutta namera bhabi abhi tak vargin thi to mera land pakdi hindiसतना की चूत की कहानी हिंदीxxx कहाणि 2010 सालantervasana hindi sex storyमौसी कि चुदाई आँगन मेमाँ की चुत को चुदा मजा आया Dasi didi or bhai chudaisaxy.hindi.stories.mastram.nokar.biwi.bate.bahu.malkinful vidhvaon ke xxx chudai kahaniyan ful hinde mbahan ko sasur ke sath chodwate dekhaMadhu Shalini की चुतहॉलीवुड की XXX छीना-झपटी HD वीडियोchudai to karani padegixxx हिनदी मे कहानिया पढने के लिएhot pyasi chutne chudwaya budhe lund se sex storysmastramki hindi animalsexstory.comChudie ke kahime hind magalti se ajnabi ne choda mujhemasum bhai bhan manisha didi ki chote bhai ke saht saxy chudai khaniantervasna sexystore.commastram bap byte sax kahanisexstory bhabhi ko choda debarne black mail karke दुध वाले का लंडxxx video मालिकिन नोकर कहानी kamukata comdesigner kar rahi sexek bhu ki mjburi me chudai ki kahaniantarvasnahindi sex kahanei bhabhi gxxx kahaniकिन्नर के साथ चुदाई कहानीchudai ki kahniदुध वाले का लंडvelage wale ante ke hinde sexychachaji ki biwi bankar chudwaymastran.com/anjan aunty ki chudaimeri biwi ka 2 patan no ne balatkar kiya hindi writing sexy stories by.comबुर छोड़ने की बेहटतींjawan sali x bathrum kahanisexykahaniwithpicturexnxx glti ki saja vedioesरश बरी सेक्सी कहानिया व फोन नम्बरbap se tel malis gand chodai kahaniAcistend ki cudai hd bebis hindi. Comchut ki kahani in hindigoogle,marisaci.kahani.hindimकुते।से।चोदाई।काहनीxxx chudai kahani maa kodosto sechudte dekhaBete ke jhate nikale sax khani sex beti ki beti ki cudai khanifamily k sath jbrdsti xxxSex stori hindi kamuktameri kechut chudai khote pe bdha lnd bdhi chut video xxx.bf.hindi.vhai.vhan.vedio.dwomlod२०१८ मा बेटे की सेक्स कहानीIndian bf sexy moushi ki tel lagha karThakur se majduran ki chudai k kahaniSexi girl bhosh desi kahanilevda hilaya gels xesi vidioshindi sex stories/chudayiki sex kahaniya. antarvasna com. kamukta com/sex stry mami hndibhai bahen mammi pappa md chudai hindi storyhendi codai mami mousi buva Page by page.Didi ne chhote bhai ko chudai ke liye kese patayaदोस्तो ने की मा की चुदाईhindi urdu sex kahani भाई ने दिया पति का सुख और माँ का भीचुत मुत गान्ड की सेक्सी बहु कहानियामराठी सेक्स कहानियामाँ तेरे मुँह में लुंड डालना ःfreshmaza sexy chot land story hindiचोदा।चोदी।की।कहानी।हिनदी।मेBP सेक्स अपने भतीजे के साथ चाची ने किया जबरदस्ती सेक्स हिंदी मेंXxx किरन चुद